शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) के बेटे आर्यन खान () क्रूज ड्रग्स केस में फिलहाल आर्थर रोड जेल में बंद हैं। उनकी जमानत पर 20 अक्टूबर को फैसला आना है। इसी बीच ड्रग्स मामले में फरदीन खान () और भारती सिंह (Bharti Singh) का केस लड़ने वाले वकील अयाज खान (Ayaz Khan) ने आर्यन के केस पर रिऐक्ट किया है। अयाज खान ने बताया कि उन्होंने फरदीन खान और भारती सिंह के केस को किस तरह से हैंडल किया था, जिससे उन्हें कुछ ही दिनों में जमानत मिल गई थी। साथ ही अयाज खान ने बताया कि आर्यन खान के केस में कहां समस्या आई और किस एक पॉइंट पर देरी हो गई। उन्होंने फरदीन और भारती वाले केस से आर्यन के ड्रग्स केस की तुलना करते हुए बताया कि उसे कैसे अलग तरह से हैंडल किया जा सकता था। 2001 में कोकीन खरीदते हुए गिरफ्तार हुए थे फरदीन बता दें कि फरदीन खान साल 2001 में ड्रग्स केस में फंस गए थे। एनसीबी ने उन्हें तब मुंबई के जुहू इलाके से कोकीन खरीदते हुए पकड़ा था। फरदीन खान केस पर बोले उनके वकील अयाज हमारे सहयोगी ईटाइम्स के साथ बातचीत में अयाज खान ने कहा, 'जब मुझे पहली बार फरदीन खान के मामले के बारे में बताया गया तो मैंने सबसे पहले पूरे मामले के तथ्यों को देखा। फरदीन खान के साथ एक लीगल इंटरव्यू के दौरान उनसे मिलने के बाद मैंने जो महसूस किया, वह यह था कि अभियोजन पक्ष ने कहा कि वह एक ग्राम कोकीन खरीदने की कोशिश कर रहे थे और नासिर शेख नाम के पेडलर के पास कोकीन की अधिक मात्रा थी। फरदीन ने एक ग्राम खरीदने के लिए एक बैंक के एटीएम से 3500 रुपये निकाले थे। लेकिन कार्ड मशीन में फंस जाने के कारण पैसे नहीं निकल पाए थे।' ऐसे की फरदीन की बेल की तैयारी अयाज की मानें तो यही वह पॉइंट था, जिस पर उन्हें काम करने की जरूरत थी। वह बोले, 'फरदीन के पिता फिरोज खान ने मुझे स्पेशली बताया था कि हमें कोई झूठा बचाव नहीं चाहिए। इस तरह हमने उस डिफेंस को आगे बढ़ाया। हालांकि मामले में मध्यवर्ती मात्रा थी। लेकिन फरदीन की भूमिका उपभोग के प्रयास की थी और वह भी सिर्फ एक ग्राम और यह एक जमानती अपराध है। एक ग्राम बहुत छोटी मात्रा है और उन दिनों उतनी मात्रा के लिए 6 महीने की सजा या फिर 10 हजार का जुर्माना या फिर 1 दिन से लेकर 6 महीने तक की सजा थी। वह एक छोटा सा अपराध था और उस वक्त यह अधिसूचना आई थी कि 2 ग्राम तक की मात्रा छोटी मात्रा मानी जाती थी।' फरदीन को लेकर वकील ने दिए थे ये तर्क अयाज खान ने आगे कहा, 'मामले की परिस्थितियों को देखते हुए हमने डिफेंस किया कि यह अभियोजन का मामला है। फरदीन एक ग्राम कोकीन ले रहे थे जोकि एक छोटी मात्रा है। हम ऐसे मामलों में जमानत चाहते हैं, आप उन्हें जेल में नहीं रख सकते। हालांकि अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि फरदीन वास्तव में लंबे समय से ड्रग्स का सेवन कर रहे था, लेकिन मेरा तर्क था कि अगर वह लंबे समय से ड्रग्स का सेवन कर रहे हैं तब भी वह एक उपभोक्ता ही हैं। उस वक्त जिरह चलती रही और फरदीन 2 या 3 दिन के लिए एनसीबी की कस्टडी में रहे।' अयाज खान ने आगे बताया, 'अभियोजन पक्ष का आरोप था कि वो जांचना चाहते थे कि कहीं साजिश तो नहीं हुई क्योंकि पेडलर नासिर के पास से करीब 9 ग्राम प्रतिबंधित पदार्थ मिला था। लेकिन जज का निष्कर्ष यह था कि अगर बयान में लिखा है कि फरदीन उस पदार्थ का सेवन कर रहे हैं तो उस कम मात्रा में मुकदमा चलाया जाना चाहिए। हमने फरदीन को तीन दिनों के भीतर जमानत पर बाहर करा लिया था। हमने अभियोजन पक्ष को मामले को आगे बढ़ाने का मौका नहीं दिया। यहां तक कि जब उन्होंने कहा था कि नासिर और फरदीन बात कर रहे थे, मेरा स्टैंड स्पष्ट था, अगर वह एक उपभोक्ता है और पेडलर से बात कर रहे हैं तो वह केवल उपभोग के लिए उससे बात कर रहे हैं और इससे हमारे मामले में मदद मिली।' आर्यन खान के केस में कहां हुई चूक? फरदीन के वकील ने बताया अयाज खान ने आर्यन खान मामले पर बात की और बताया कि उसमें सबसे बड़ी प्रॉब्लम कहां है। वह बोले, 'आर्यन के केस में समस्या यह है कि हालांकि एनसीबी ने शुरू में आर्यन के खिलाफ उपभोग के लिए मामला दर्ज किया। उन्होंने आर्यन पर धारा 27, 28 और 29 लगाईं। धारा 28 उपभोग करने का प्रयास है, धारा 29 उपभोग करने की साजिश है और धारा 27 उपभोग के लिए है। लेकिन चार्जेस के मुताबिक, सजा सिर्फ उपभोग के लिए दी जा सकती है। उपभोग दंड के समान धारा 28 और 29 में कोई सजा नहीं है। एनसीबी को जब मौका मिल गया तो उन्होंने आर्यन का वॉट्सऐप खंगाला और भी बाकी चीजें सामने आईं। साथ ही, मुझे लगता है कि इस मामले में भी गवाह थे।' 'एनसीबी को मौका इसलिए मिला क्योंकि आर्यन हिरासत में रहे' अयाज खान ने फिर कहा, 'एनसीबी को मामले की जांच जारी रखने का मौका मिला क्योंकि आर्यन खान छह दिनों तक हिरासत में रहे। इससे एनसीबी को काफी समय मिल गया और अब वो कोर्ट में कह रहे हैं कि जब आर्यन विदेश में था तो वह कुछ पेडलर्स से बात कर रहा था। यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि आर्यन ने उन्हें क्या बयान दिया है या एनसीबी ने उनसे कौन सा बयान निकलवाया है। वह बयान अदालत में स्वीकार्य नहीं है लेकिन एनसीबी को जांच का अधिकार मिलता है।' अयाज खान ने आगे आर्यन और फरदीन के केस की तुलना करते हुए कहा कि दोनों मामलों के बीच केवल एक ही बात पता चल सकती है कि हम जमानत के लिए बहुत तेजी से आगे बढ़े। फरदीन को पहले दिन जब कोर्ट में पेश किया गया, मैंने अपनी जमानत अर्जी दाखिल की, जो आर्यन के मामले में नहीं हुई। हमने जमानत के लिए अर्जी दी और मामला अगले दिन सुनवाई के लिए आया। एनसीबी ने जवाब दाखिल किया, हमने तर्क दिया और हम बाहर हो गए।
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