Wednesday, July 7, 2021

'दिलीप कुमार को क्‍यों नहीं दिया गया भारत रत्‍न?', शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने उठाया सवाल, जताई हैरानी

() के निधन से हर कोई सदमे में हैं। 98 की उम्र में भी दिलीप साहब बॉलिवुड परिवार के लिए एक ऐसे अभ‍िभावक की तरह थे, जिनका साथ होना ही संबल देता था। बुधवार सुबह उनके निधन के बाद जहां पूरे देश में शोक की लहर है, वहीं दिग्‍गज ऐक्‍टर () ने आश्‍चर्य जताया है कि जिस दिलीप कुमार को सबसे ज्‍यादा फिल्‍मफेयर अवॉर्ड्स मिले, नैशनल अवॉर्ड मिले, उन्‍हें 'भारत रत्‍न' (Bharat Ratna) से सम्‍मानित क्‍यों नहीं किया गया। शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने ऐक्‍टर के निधन पर कहा कि भारतीय स‍िनेमा का आख‍िरी बादशाह चला गया है। 'वह दुर्लभ से भी दुर्लभ ऐक्‍टर थे'हमारे सहयोगी 'ईटाइम्‍स' से खास बातचीत में शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने कहा, 'हमने राज कपूर और देव आनंद को 1988 और 2011 में खो दिया, अभी तक हमारे ये घाव भी नहीं भरे थे। अब सिनेमा के आख‍िरी बादशाह भी चले गए। इन तीनों की पर्सनैलिटी बहुत ही जबरदस्‍त थी। दिलीप कुमार दुर्लभ से भी दुर्लभ ऐक्‍टर थे, उनके निधन ने गहरा झटका दिया है। यह सच है कि यह शो चलता रहेगा, लेकिन फिर कभी यह पहले जैसा नहीं होगा।' 'भारत रत्‍न नहीं दिए जाने पर हैरान हूं'दिलीप कुमार को 'भारत रत्‍न' सम्‍मान नहीं दिए जाने पर शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने आश्‍चर्य जताया है। उन्‍होंने कहा, 'मैं दिलीप साहब की किसी दूसरे से तुलना नहीं करना चाहता, लेकिन ऐसे कई दूसरे हैं जिन्‍हें यह प्रतिष्‍ठ‍ित सम्‍मान मिला है।' दिलीप कुमार को सरकार ने 1991 में पद्म भूषण से सम्‍मानित किया था। 1994 में उन्‍हें दादा साहेब फाल्‍के पुरस्‍कार दिया गया, जबकि 2015 में दिलीप कुमार को पद्म विभूषण से सम्‍मानित किया गया। 'सिर्फ ट्रेजडी नहीं, कॉमेडी में भी माहिर थे दिलीप साहब'शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने आगे कहा कि दिलीप कुमार को हमेशा से 'ट्रेजडी किंग' कहा जाता रहा, जबकि पर्दे पर उनकी टाइमिंग बहुत जबरदस्‍त थी। जब टाइमिंग अच्‍छी होती है तो यह कॉमेडी होती है। शत्रुघ्‍न आगे कहते हैं कि दिलीप साहब कॉमेडी करने में भी उतने ही माहिर थे। उन्‍होंने 'आजाद' और 'गंगा जमना' जैसी फिल्‍मों का उदाहरण भी दिया। क्रांति की शूट के वक्‍त कहा था- मैं कोई शत्रुघ्‍न सिन्‍हा हूं...दिलीप कुमार के साथ शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने 'क्रांति' फिल्‍म में काम किया था। फिल्‍म से जुड़ी यादों के बारे में बात करते हुए शत्रुघ्‍न कहते हैं, 'जब हम साथ में काम कर रहे थे तब दिलीप साहब ने मेरी तारीफ की थी। मैं उसे हमेशा संजो कर रखूंगा। मैं सेट पर उनके पीछे बैठा था और उन्‍हें नहीं पता था कि मैं वहां हूं। डायरेक्‍टर ने दिलीप साहब को एक लंबा डायलॉग दिया था और उन्होंने उस डायलॉग को देखा और एक तरफ रख दिया। फिर उन्‍होंने कहा, क्या आपको लगता है कि मैं शत्रुघ्‍न सिन्हा हूं जो 10 मिनट में लंबे डायलॉग याद कर सकता है? दिलीप साहब की यह बात सुनकर मैं पीछे से उठा और तुरंत उन्‍हें गले लगा लिया। उन्‍होंने मुझे कहा, नहीं भाई यह एक सच्चाई है और मैंने सुना है कि आप 10 मिनट में 10 पेज का डायलॉग डिलीवर कर सकते हैं।' 'हमेशा याद रहेंगी दिलीप साहब से वो दो मुलाकातें'साल 2015 में जब शत्रुघ्‍न सिन्‍हा के बेटे कुश की शादी थी, तब विवाह समारोह से एक दिन वह और उनका परिवार दिलीप साहब से मिलने गया था। शत्रुघ्‍न सिन्‍हा कहते हैं, 'निश्चित रूप से, मैं वह दिन कभी नहीं भूल सकता। सायराजी ने मुझे बताया कि दिलीप साहब की तबीयत ठीक नहीं है और वे शादी में शामिल नहीं हो पाएंगे। मैंने उनसे कहा कि हम उनके घर पर आ रहे हैं ताकि वे बेटे को आशीर्वाद दे सकें। शादी समारोह से ठीक एक दिन पहले हम वहां गए थे। दिलीप साहब ने मेरे बेटे के सिर पर हाथ रखकर उसे आशीर्वाद दिया था। इसके अलावा, मुझे खास तौर पर दिलीप साहब का 94वां जन्मदिन याद है। धर्मेंद्र और मैं लंबे समय तक उनके घर पर बैठे थे और बातें करते रहे।'


from Bollywood News in Hindi, बॉलीवुड न्यूज़, Hindi Movies News, हिंदी मूवीज़ समाचार, फिल्मी खबरें | Navbharat Times https://ift.tt/3hOtcrA
via IFTTT

No comments:

Post a Comment