Sunday, May 2, 2021

Satyajit Ray Birth Centenary: सत्यजीत रे ने वर्ल्ड सिनेमा पर छोड़ी थी अमिट छाप, आज भी दुनियाभर सम्मान से लिया जाता है नाम

दुनियाभर में अगर किसी भारतीय फिल्मकार को सबसे ज्यादा सम्मान मिला है तो वह हैं सत्यजीत रे। सत्यजीत रे को आज भी दुनियाभर के सबसे टैलेंटेड फिल्मकारों में एक माना जाता है। 2 मई 2021 को सत्यजीत रे का 100वां जन्मदिन है। आइए, जानते हैं इस महान फिल्मकार के बारे में कुछ बातें।

सत्यजीत रे को एक ऐसे भारतीय फिल्मकार के तौर पर जाना जाता है जो अपने दौर से आगे की फिल्में बनाते थे। सत्यजीत रे का नाम वर्ल्ड सिनेमा में काफी सम्मान के साथ लिया जाता है। उनकी जन्मशती पर जानते हैं खास बातें।


Satyajit Ray Birth Centenary: सत्यजीत रे ने वर्ल्ड सिनेमा पर छोड़ी थी अमिट छाप, आज भी दुनियाभर सम्मान से लिया जाता है नाम

दुनियाभर में अगर किसी भारतीय फिल्मकार को सबसे ज्यादा सम्मान मिला है तो वह हैं सत्यजीत रे। सत्यजीत रे को आज भी दुनियाभर के सबसे टैलेंटेड फिल्मकारों में एक माना जाता है। 2 मई 2021 को सत्यजीत रे का 100वां जन्मदिन है। आइए, जानते हैं इस महान फिल्मकार के बारे में कुछ बातें।



कोलकाता में हुआ था जन्म, इकॉनमिक्स में ली डिग्री
कोलकाता में हुआ था जन्म, इकॉनमिक्स में ली डिग्री

सत्यजीत रे का जन्म 2 मई 1921 को कोलकाता में हुआ था। जब वह केवल 3 साल के थे तभी उनके पिता का निधन हो गया। सत्यजीत रे ने प्रसीडेंसी कॉलेज से इकनॉमिक्स में डिग्री ली थी। हालांकि उनका रुझान हमेशा से फाइन आर्ट्स की तरफ था। इसीलिए वह एक ब्रिटिश ऐडवर्टाइजिंग एजेंसी में ग्राफिक डिजाइनर का काम करने लगे।



लंदन जाने का मिला मौका तो सिनेमा से हुए रूबरू
लंदन जाने का मिला मौका तो सिनेमा से हुए रूबरू

साल 1950 में सत्यजीत रे को काम सीखने के लिए लंदन भेजा गया। वह लंदन में 6 महीने रहे और इस दौरान उन्होंने 100 फिल्में देख लीं। सत्यजीत रे को इसके बाद फिल्मों में दिलचस्पी जागी और उन्होंने 'पाथेर पांचाली' बनाने का निर्णय लिया।



पहली ही फिल्म ने मचा दी धूम
पहली ही फिल्म ने मचा दी धूम

सत्यजीत रे की 'द अपू ट्रायलॉजी' की पहली फिल्म 'पाथेर पांचली' 1955 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म को इंटरनैशनल लेवल पर काफी सराहना मिली थी। हालांकि भारत में इस फिल्म की खास तारीफ नहीं हुई थी क्योंकि सत्यजीत रे पर आरोप लगा था कि फिल्म के जरिए उन्होंने भारत की छवि को खराब किया है। फिल्म में सत्यजीत रे ने भारत के ग्रामीण परिवेश की गरीबी को दिखाया था।



केवल 37 फिल्मों में लगा दी अवॉर्ड्स की झड़ी
केवल 37 फिल्मों में लगा दी अवॉर्ड्स की झड़ी

सत्यजीत रे ने अपने जीवन में केवल 37 फिल्में बनाई थीं। हालांकि इन फिल्मों के लिए उन्हें देश-विदेश में सैकड़ों अवॉर्ड्स मिले। सत्यजीत रे की फिल्मों की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनकी फिल्मों ने कुल 32 नैशनल अवॉर्ड्स जीते थे।



भारत रत्न, ऑस्कर और दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड
भारत रत्न, ऑस्कर और दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड

सत्यजीत रे की पॉप्युलैरिटी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 1992 में भारत सरकार ने उन्हें सबसे बड़े नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया था। इसके अलावा उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट का अकैडेमी अवॉर्ड (ऑस्कर) भी मिला था। इसके अलावा सत्यजीत रे को 1984 में भारत का सबसे बड़ा फिल्म अवॉर्ड दादा साहेब फाल्के भी मिला था।





from Bollywood News in Hindi, बॉलीवुड न्यूज़, Hindi Movies News, हिंदी मूवीज़ समाचार, फिल्मी खबरें | Navbharat Times https://ift.tt/3nH90ud
via IFTTT

No comments:

Post a Comment