Tuesday, April 6, 2021

श्रेयश तलपड़े का छलका दर्द, बोले- पिता आईसीयू में थे और मैं मंच पर लोगों को हंसा रहा था

हो या मराठी फिल्म इंडस्ट्री या फिर हो नाटक अथवा छोटा परदा, श्रेयश तलपड़े जैसे अभिनेता ने हर फील्ड पर अपनी साख जमाई है। इन दिनों वह चर्चा में हैं अपने नए ऐप '' को लेकर, जिसे वह नाट्यकर्मियों की बदहाली के मद्देनजर ओटीटी पर लॉन्च करने जा रहे हैं। इस ऐप के जरिए उन्होंने तकरीबन नाटक से जुड़े 1500 लोगों को रोजगार मुहैया कराया है। पेश है, उनसे एक बातचीत। ओटीटी पर नाइन रासा ऐप के जरिए सैकड़ों नाट्यकर्मियों को रोजगार दिलाने को कैसे प्रेरित हुए?पिछले साल लॉकडाउन के बाद फिल्में, ओटीटी कॉन्टेंट और सीरियल्स से जुड़े लोगों के काम-धंधे का थोड़ा बहुत ही सही मगर जुगाड़ तो हुआ। लेकिन नाटक इंडस्ट्री को लेकर बहुत बड़ा सवाल था कि थिएटर कब खुलेंगे और लोग उन्हें देखने कब और कैसे जाएंगे? नाट्यकर्मियों के रोजगार के मद्देनजर मैं इस ऐप को लॉन्च करने के लिए प्रेरित हुआ। अनलॉक शुरू हुआ, तब हमने कॉन्टेंट शूट करना शुरू किया। उसके जरिए हमने कम से कम 1500 थिएटर समुदाय के लोगों को जॉब दिलाए, जिनमें ऐक्टर्स से लेकर तकनीशियन तक सभी शामिल हैं। इस ऐप के जरिए हिंदी, मराठी, गुजराती, इंग्लिश और हिंगलिश भाषा में नाटक देखने को मिलेंगे। इसके साथ साथ फुल लेंथ प्लेज, वन एक्ट प्लेज स्किट्स, स्टोरी रीडिंग, स्टैंडअप, चैट्स और म्यूजिक से संबंधित चीजें भी हैं। अभी हमारे पास 100 घंटों का कॉन्टेंट तैयार है। उसको हम फेज के हिसाब से अपलोड करेंगे। 9 अप्रैल को आधिकारिक रूप से हम इस ऐप को लॉन्च करेंगे। वाकई नाटक से जुड़े कलाकार-तकनीशियनों का कोरोना काल में बहुत बुरा हाल हुआ है? कोई विशेष घटना जिसका जिक्र करना चाहते हैं आप? कई सारी घटनाएं हैं। इस पहल में मुझे जो सबसे अहम चीज मिली, वे हैं दुआएं, क्योंकि जितने सारे लोग वहां परफॉर्म करने आए थे, हमने उनके चैट्स रिकॉर्ड किए। जो कुछ दिनों में इस प्लैटफॉर्म पर देखने को मिलेंगे। आप उनकी बातें सुनिएगा। आपका दिल पसीज जाएगा। वे 6 महीनों से घर पर बैठे हुए थे और उनका भविष्य पूरी तरह से अंधकार में डूबा हुआ था। उस समय जब उन्हें इस प्लैटफॉर्म के बारे में पता चला कि हम कोशिश कर रहे हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोगों के लिए नाटक शूट करें और उन्हें काम दिलाएं, तब वे इतने खुश हो गए, मानों उन्हें संजीवनी बूटी मिल गई हो। हमने शिवाजी पार्क के स्वातंत्र्यवीर सावरकर स्मारक में नाटकों की शूटिंग की है। आपने स्वयं तकरीबन 15 सालों तक नाटकों में काम किया है। आपको शो मस्ट गो ऑन वाली स्थिति से कब गुजरना पड़ा?यह वाकया 1996-97 का होगा, तब मोबाइल का चलन नहीं था। हम अहमद नगर में 'ऑल द बेस्ट' नाटक परफॉर्म कर रहे थे। अहमद नगर में मेरी बड़ी दीदी रहती थी, उनके पास लैंडलाइन फोन हुआ करता था। वह नाटक देखने आनेवाली थीं, वे जब आईं, तो उनका चेहरा उतरा हुआ था। मेरे बहुत जोर देने पर उन्होंने बताया कि उसी शाम को पिता को हार्ट अटैक आया है और उनको आईसीयू में भर्ती किया गया है। मैं उस वक्त बुरी तरह से टूट गया था। सबसे बड़ी विडंबना यह थी कि वह एक कॉमिक प्ले था। मुझे लोगों को हंसाना था, मगर अंदर से मैं रो रहा था। मैंने उस वक्त शो मस्ट गो ऑन को चरितार्थ किया। लोगों को खूब हंसाया। अपने पिता को देखने मैं अगले दिन ही जा पाया था। 'सूर्यवंशी' जैसी बड़ी फिल्मों की कोरोना की दूसरी लहर की वजह से दोबारा स्थगित होने की खबरें हैं, क्या कहना चाहेंगे?बस दुआएं करना चाहूंगा कि कोरोना के हालात नियंत्रण में आएं और हमारी इंडस्ट्री फले-फूले। इसकी वैक्सीन तो आ गई है, अभी थोड़ी सी लोगों की इम्युनिटी भी बेहतर हो गई है। कोरोना से जो लोग अभी संक्रमित हो रहे हैं, वह भगवान की कृपा से ठीक भी हो रहे हैं। हमें उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। कोविड-19 की फिल्म जितनी चलनी थी, वह कुछ ज्यादा ही चल गई है, अब बस यह उतर जानी चाहिए और अब हमारी फिल्में परदे पर लगना शुरू हो जानी चाहिए। आपकी भी कुछ फिल्में लॉकडाउन और कोरोना काल के कारण रिलीज नहीं हो पाईं? पिछले साल अनलॉक के दौरान मैंने राजीव रुइया की फिल्म 'लव यू शंकर' शूट की थी। वह अभी रिलीज पर है। फिर मैंने महेश मांजरेकर के साथ एक मराठी फिल्म की है, वह भी कुछ समय में प्रदर्शित होगी। इसके अलावा मेरी डायरेक्टोरियल फिल्म 'सरकार की सेवा में' का जो दूसरा शेड्यूल लॉकडाउन के कारण विलंब हो गया था, वह हम अभी पूरा करेंगे। साथ ही साथ एक और फिल्म है 'मन्नू और मुन्नी की शादी' इसका अभी 2 दिन का काम बचा हुआ है, इसे पूरा करके फिर यह अभी रिलीज के लिए तैयार हो जाएगी, तो ये सच है कि मेरी कई फिल्में हैं, जिन्हें कोरोना ने लटका रखा है। आपकी पत्नी दीप्ति तलपड़े आपको कैसे कॉम्पलिमेंट करती हैं?सच कहूं तो उसके बिना कुछ भी मुमकिन नहीं है। मेरे करियर में एक दौर ऐसा भी आया था, जब मेरी फिल्में नहीं चल रही थीं। उस समय मेरी पत्नी दीप्ति और मेरा परिवार मेरे साथ खड़ा न होता, तो पता नहीं मेरा क्या होता? दीप्ति ने हमेशा से मुझे सपोर्ट किया है और वह मेरी ताकत रही हैं। नाइन रासा के लिए भी उसने मुझे बहुत प्रेरणा दी। वह मुझे सपोर्ट करके विश्वास दिलाती है कि तूने सोचा है, तो हम कर लेंगे। मैं बहुत खुशकिस्मत हूं कि मुझे ऐसी पत्नी और लाइफ पार्टनर मिली है।


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