Thursday, April 8, 2021

द बिग बुल

के लीड रोल वाली फिल्म 'द बिग बुल' ओटीटी प्लैटफॉर्म डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर रिलीज कर दी गई है। फिल्म की कहानी का अंदाजा लोग पहले से लगा चुके हैं। इसी कहानी पर एक वेब सीरीज आ चुकी है जिसे काफी पसंद किया गया था। इसलिए बहुत ज्यादा बताने के लिए कुछ नहीं रह जाता है, केवल बात बचती है अभिषेक बच्चन की ऐक्टिंग की तो ये इस फिल्म में देखने लायक है। कहानी: एक छोटा सा शेयर मार्केट का स्टॉक ब्रोकर है हेमंत शाह (अभिषेक बच्चन) जो देश के वित्तीय सिस्टम और बैंकिंग के लूपहोल्स के जरिए एक स्कैम करता है। हालांकि हेमंत का सपना एक बुरे अंत पर जाकर खत्म होता है। फिल्म की कहानी हर्षद मेहता और उसके घोटाले की है। रिव्यू: एक बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था में हर कोई अमीर बनना चाहता है। इस अमीर बनने के रास्ते में गलत रास्ता बहुत लोग पकड़ लेते हैं हालांकि कुछ इसमें पकड़े जाते हैं जबकि कुछ बच जाते हैं। हर्षद मेहता की कहानी भी ऐसी ही है। इस पर 'स्कैम 1992' नाम से एक वेब सीरीज हंसल मेहता बना चुके हैं जो काफी पसंद की गई थी। कहानी सबको पता है तो डायरेक्टर कूकी गुलाटी के लिए यह एक कठिन काम था कि नए तरीके से लोगों के सामने इसे पेश किया जाए वो भी केवल ढाई घंटे की फिल्म में। हालांकि गुलाटी इसमें काफी हद तक सफल हुए हैं क्योंकि एक मिडिल क्लास नौकरी करने वाले आदमी हेमंत शाह की कहानी आपको आकर्षित तो जरूर करेगी। यह बात समझ से परे है कि एक समय पर इंडिया का सबसे बड़ा घोटाला करने वाले व्यक्ति को महिमामंडित क्यों किया जा रहा है? सबसे बड़ी बात उसे आम मिडिल क्लास का मसीहा बताया जा रहा है। अगर आप हर्षद मेहता की कहानी से परिचित नहीं हैं तो उसे जानना बहुत जरूरी है। हालांकि इस कहानी में अभिषेक बच्चन अपने किरदार में जान डालते नजर आते हैं। उनकी प्रेमिका प्रिया के किरदार में भी बहुत अच्छी लगती हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे पूंजीवादी व्यवस्था में चीजों को मैनिपुलेट करके बदला जा सकता है। फिल्म में कहानी को अच्छे तरीके से दिखाया गया है और एक पुरानी मुंबई मतलब तब का 'बॉम्बे' दिखाने में डायरेक्टर सफल हुए हैं। अभिषेक बच्चन की ऐक्टिंग की आपको तारीफ करनी पड़ेगी जबकि आपको पता है कि उनके किरदार को और गहराई दी जा सकती थी। अभिषेक बच्चन ने अपने कैरक्टर के साथ पूरा न्याय किया है और उनकी मेहनत भी दिखती है। हालांकि कुछ सीन बेहद लाउड फिल्माए गए हैं जो नाटकीय लगते हैं। अभिषेक-निकिता की प्रेम कहानी भी फिल्म की स्टोरी में कई बार ब्रेक लगाती सी नजर आती है। जर्नलिस्ट मीरा राव के किरदार में जमती हैं लेकिन उनके किरदार को भी गहराई दिए जाने की जरूरत थी। फिल्म में सौरभ शुक्ला और राम कपूर भी हैं मगर कम स्क्रीनस्पेस के चलते उनके किरदार जाया हो जाते से लगते हैं। कुल मिलाकर यह एक ड्रमैटिक फिल्म है जिसमें आपको बताया गया है कि एक आम आदमी भी घोटालेबाज बन सकता है। क्यों देखें: हर्षद मेहता के घोटाले की कहानी तो सबको पता है मगर फिर भी अभिषेक बच्चन की परफॉर्मेंस के लिए इस फिल्म को देख सकते हैं।


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