Friday, March 5, 2021

Tandav Controversy: अपर्णा पुरोहित की ग‍िरफ्तारी पर SC ने लगाई रोक, पॉर्न कॉन्‍टेंट पर सरकार को सुनाई खरी खरी

'तांडव' वेब सीरीज विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने अमेजन प्राइम की इंडिया हेड अपर्णा पुरोहित को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने शुक्रवार को अपर्णा की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इससे पहले गौतमबुद्धनगर में दर्ज एफआईआर के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपर्णा पुरोहित की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ ही अपने आदेश में यह भी कहा कि ओटीटी प्‍लेटफॉर्म को लेकर सरकार की मौजूदा आईटी दिशानिर्देश प्रभावी नहीं हैं। पॉर्नोग्राफिक कॉन्‍टेंट पर सरकार के दिशा-निर्देश काम के नहींसुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से जांच में सहयोग करने के आदेश दिए हैं। सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने साफ शब्‍दों में कहा कि ओटीटी पर कई बार पॉर्नोग्राफिक कॉन्‍टेंट भी दिखाए जाते हैं और इसको लेकर मौजूदा दिशा-निर्देश किसी काम के नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से सोशल मीडिया और ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स को रेगुलेट करने के लिए बनी नई गाइडलाइन सौंपने को कहा है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को आश्‍वासन दिया है कि सरकार द्वारा नए कानून पर विचार किया जा रहा है। कोर्ट ने पूछा- क्‍या इसकी स्‍क्रीनिंग नहीं होनी चाहिए?जस्‍ट‍िस अशोक भूषण की दो सदस्‍यीय बेंच ने इससे पहले गुरुवार को सुनवाई करते हुए कहा कि पारंपरिक तरीके से फिल्म देखना अब पुराना हो गया है। इन ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्में देखना अब आम बात है। कोर्ट ने सवाल किया, 'क्या इसकी कुछ स्क्रीनिंग नहीं होनी चाहिए? हमें लगता है कि कुछ स्क्रीनिंग होनी चाहिए... कई बार वे अश्लील सामग्री भी दिखा रहे हैं।' अपर्णा पुरोहित ने इलाहाबाद हाई कोर्ट से अग्र‍िम जमानत याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी थी। अदालत इसी पर सुनवाई कर रही थी। रोहतगी बोले- अपर्णा सीरीज की निर्माता या अभ‍िनेता नहींसॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि इन ओटीटी प्लेटफार्मों पर 'गंदी' सामग्री 'गालियों के साथ' पेश की जाती हैं। कोर्ट में अपर्णा पुरोहित का पक्ष रखते हुए सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने कहा कि उनके मुवक्‍कि‍ल की गिरफ्तारी से पहले जमानत याचिका खारिज करने का हाईकोर्ट का आदेश ओटीटी नियमों पर आधारित नहीं था। यह अभिव्यक्ति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बारे में है। रोहतगी ने इसे चौंकाने वाला मामला बताया। उन्‍होंने कहा कि अपर्णा पुरोहित सिर्फ अमेजन की कर्मचारी थीं। वह निर्माता या अभिनेता नहीं थीं। लेकिन फिर भी वेब सीरज के संबंध में देशभर में दर्ज लगभग 10 मामलों में उन्‍हें अभियुक्त बनाया गया। हाई कोर्ट ने कहा था- देवाओं का अपमान बर्दाश्‍त नहींबता दें कि इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 'तांडव' वेब सीरीज के कॉटेंट पर नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि अभिव्यक्ति के नाम पर हिंदू देवी देवताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। क्‍या है 'तांडव' को लेकर विवादडायरेक्‍टर अली अब्‍बास जफर की सीरीज 'तांडव' के एक सीन में ऐक्‍टर जिशान अयूब को भगवान श‍िव के रूप में एक नाटक करते हुए दिखाया गया है। यह सीन कॉलेज कैंपस में थिएटर फेस्टिवल के दौरान का है। इस सीन में जिशान का किरदार कहता है, 'भोलेनाथ प्रभु ईश्वर, ये राम जी के फॉलोअर्स दिन ब दिन सोशल मीड‍िया पर बढ़ते ही जा रहे हैं। लगता है हमें भी कोई नई सोशल मीड‍िया स्ट्रैटजी बनानी चाहिए। इस पर जिशान का किरदार, जिसका नाम शिवा है, वह कहता है, 'क्या करूं, नई फोटो लगाऊं।' सीन के इस डायलॉग पर है विवादइस सीन में श‍िवा का साथी किरदार कहता है, 'भोलेनाथ, आप बहुत ही भोले हैं। कुछ नया कीज‍िए बल्‍क‍ि कुछ नया ट्वीट कीज‍िए, कुछ सेंसेशनल, कोई भड़कता हुआ शोला, जैसे क‍ि कैंपस के सारे विद्यार्थी देशद्रोही हो गए, आजादी-आजादी के नारे लगा रहे हैं।' इसके बाद शिवा कहता है- 'आजादी… व्हाट द …. (बीप) जब मैं सोने गया था तब तक तो आजादी कूल चीज हुआ करती थी। अब बुरी हो गई क्या।' विवाद के बाद बदला गया सीनभगवान श‍िव वाले इस सीन पर विवाद के बाद सीरीज मेकर्स ने इसमें बदलाव किए। यह पूरा सीन ही वेब सीरीज से हटा दिया गया। सीरीज पर हुए विवाद के बाद डायरेक्‍टर अली अब्‍बास जफर ने सोशल मीडिया के जरिए माफीनामा भी जारी किया था। उन्‍होंने कहा कि उनका मकसद किसी की धार्मिक भावनाएं आहत करना नहीं था। बता दें कि 'तांडव' में जिशान अयूब के अलावा सैफ अली खान, डिम्‍पल कपाड़‍िया और गौहर खान भी मुख्‍य भूमिकाओं में हैं।


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