बॉलिवुड के ऐक्टर्स केवल फिल्मों में ही नहीं बल्कि रीयल लाइफ में भी हीरो वाला काम करते हैं। हाल के दिनों में कोरोना वायरस से प्रभावित लोगों की मदद के लिए सोनू सूद, सलमान खान, शाहरुख खान और अक्षय कुमार जैसे ऐक्टर्स ने दिल खोलकर लोगों की मदद की है। इससे पहले भी कोई प्राकृतिक आपदा आने पर बॉलिवुड के ऐक्टर्स ने मदद को अपना हाथ बढ़ाया है। लेकिन एक ऐसा समय भी था जब सरकारों ने मदद से हाथ खड़े कर लिए तो बॉलिवुड के 'अन्ना' एक हीरो की तरह सामने आए थे। रेड लाइट एरिया में छापेमारीजी हां, बात जरा पुरानी है। साल 1996 में भारत सरकार ने जानलेवा बीमारी को रोकने के लिए देशभर के अलग-अलग हिस्सों में रेड लाइट एरिया में छापेमारी शुरू की थी। तब मुंबई के मशहूर रेड लाइट एरिया में भी छापेमारी की गई थी। इस छापेमारी में कुल 456 को रेस्क्यू किया गया था। इन सेक्स वर्कर्स में बड़ी संख्या में नेपाल की लड़कियां भी थीं। 14 से 30 साल की बेसहारा नेपाली लड़कियां छापेमारी में बचाई गई नेपाली लड़कियों की उम्र केवल 14 से 30 साल के बीच थी। इनमें से 2 लड़कियों की मौत कथित तौर पर एड्स के कारण हो गई थी। इसके बाद भारत सरकार ने इन लड़कियों को नेपाल भेजने की ठानी। लेकिन नेपाल की सरकार ने इन लड़कियों को लेने से मना कर दिया क्योंकि इनके पास नागरिकता साबित करने के लिए कोई कागजात या बर्थ सर्टिफिकेट्स नहीं थे। ऐसे में ये लड़कियां बेसहारा हो गई थीं। जब कोई नहीं आया तो मदद को आगे आए 'अन्ना' भारत और नेपाल की सरकारों ने जब इन लड़कियों को स्वीकार करने या इनका खर्च उठाने से मना कर दिया तो इनकी मदद को सुनील शेट्टी आगे आए। सुनील ने तब कुल 128 लड़कियों वापस फ्लाइट से नेपाल भेजने का बंदोबस्त किया और इनका पूरा किराया भाड़ा का खर्च उठाया था। इस घटना को जानने के बाद आप भी इस बात को मानेंगे कि सुनील शेट्टी 'अन्ना' वास्तव में रियल लाइफ हीरो हैं।
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