जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान ने कहा कि वह जब छोटी थीं, तब उन्हें एहसास हुआ कि उन्हें अपनी बड़ी बहन से हट कर अपनी अलग गायन शैली बनानी है। हमेशा से पश्चिमी संगीत और कैमरन मिरिंडा जैसे सिंगरों में रुचि रखने वाली आशा भोसले ने हमेशा उनकी तरह गाने की कोशिश की। वह अपने शास्त्रीय संगीत के प्रशिक्षण से हट के अलग तरीके से विभिन्न धुनों में नए प्रयोग करने की कोशिश करती रहती थी। आशा भोसले ने बताया कि उनके इसी शास्त्रीय और पश्चिमी कंपोजिशन के प्रयास ने उन्हें विश्व संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने गीतकार, पटकथा लेखक और कार्यक्रम के मेंटर प्रसून जोशी के साथ अपनी संगीत और जीवन से जुड़े अनुभवों को शेयर किया। आशा भोसले ने कहा कि किसी भी इंसान के जीवन का सबसे बड़ा निर्धारक आवश्यकताएं होती हैं। जरूरत ने ही मुझे मिलने वाले हर तरह के गीत को गाने के लिए मजबूर किया। किसी भी तरह का गाना मेरे लिए 'भगवान' की तरह है। मैंने, सुनिश्चित किया कि मैं मुझे मिलने वाले गानों में अपनी चमक छोड़ पाऊं।
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