Wednesday, June 2, 2021

Juhi Chawla का ट्रोलर्स को तगड़ा जवाब- 10 साल से कह रही हूं, 4G और 5G का रेडिएशन खतरनाक

बॉलिवुड ऐक्‍ट्रेस () ने 5G वायरलेस नेटवर्क (5G Telecom Network) के ख‍िलाफ जंग छेड़ दी है। पर्यावरण को लेकर हमेशा से मुखर रहने वाली ऐक्‍ट्रेस ने दिल्‍ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) में इस बाबत याचिका दाख‍िल की है, जिस पर बुधवार को पहली सुनवाई भी हुई। वहीं, इस बीच सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स जूही चावला की आलोचना भी कर रहे हैं। इन यूजर्स का कहना है कि जूही चावला अचानक ही पर्यावरण के प्रति सजग हो गई हैं और पॉप्‍युलैरिटी के लिए यह सब कर रही हैं। ऐक्‍ट्रेस ने इंस्‍टाग्राम पर वीडियो पोस्‍ट के जरिए ऐसे ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है। जूही ने कहा कि वह आज नहीं, बल्‍क‍ि 10 साल से 4G और 5G नेटवर्क के रेडिएशन (Radiation) के खतरनाक साइट इफेक्‍ट्स को लेकर आवाज उठा रही हैं। ट्रोल करने से पहले थोड़ी रिसर्च करने की सलाहजूही चावला ने ट्रोल करने वाले यूजर्स ने कहा है कि वह इस बारे में थोड़ी रिसर्च कर लें। जूही ने बुधवार को कोर्ट की सुनवाई से पहले इंस्टाग्राम पर यह पोस्‍ट किया। जूही ने इस वीडियो में बताया कि 5G के साथ विकिरण तेजी से कैसे बढ़ेगा। यही नहीं, उन्‍होंने लोगों से अपील भी की थी कि वो 2 जून को दिल्ली हाई कोर्ट में होने वाली ऑनलाइन सुनवाई में शामिल हों। हालांकि, यह सुनवाई एक और कारण से चर्चा में रही। सुनवाई के दौरान तीन बार जस्‍ट‍िस जेआर मिधा को हस्‍तक्षेप करना पड़ा, क्‍योंकि कुछ लोग जूही की फिल्‍मों का गाना गुनगुनाने लगे थे। '10 साल से कर रही है रेडिएशन के ख‍िलाफ जागरूक'जूही ने इंस्टाग्राम वीडियो में कहा, 'कुछ लोग मुझसे यह पूछ रहे हैं कि मैं अचानक इस मुद्दे पर क्यों बोलने लगी हूं और क्‍यों अदालत में मुकदमा दायर किया है। मैं ऐसे लोगों को यह बताना चाहती हूं कि मैं आज नहीं उठी। मैं यह बात पिछले 10 साल से कह रही हूं। रेडिएशन, मोबाइल फोन के सुपरक्ष‍ित उपयोग, सेल फोन टावर के रेडिएशन पर मैंने हमेशा से जितना संभव हो सके जागरुकता फैलाने की कोशिश की है।' दवाओं की तरह रेडिएशन पर रिसर्च क्‍यों नहीं हुई? जूही आगे कहती हैं क‍ि हमारे फोन रेडियो वेव्‍स पर काम करते हैं। 1G से 2G और 3G से 4G के बाद अब 5G इस ओर बहुत बड़ी छलांग है। इससे रेडिएशन बड़ी तेजी से बढ़ेगा। आधुनिक होना सही है, लेकिन जब यह जरूरत से ज्यादा हो जाता है तो आपको इसके साइड इफेक्‍ट्स (दुष्‍प्रभावों) के बारे में पता चलता है। जूही ने इस दौरान एक उदाहरण देते हुए समझाया, 'जब कोई नई दवा आती है, तो इसके साइड इफेक्‍ट्स की जांच के लिए कम से कम 10 से 15 साल तक रिसर्च की जाती है और फिर इसे बाजार में बेचने के लिए मंजूरी मिलती है। लेकिन यह रेडिएशन पिछले 20 से 25 साल में फैलाया जा रहा है, क्या किसी ने इस बारे में स्‍टडी की है?' Memes बनाने वालों को जूही ने कहा शुक्रियाजूही चावला ने इसके साथ ही उन सोशल मीडिया यूजर्स पर भी बात की है, जो उन पर मीम्स बना रहे हैं। जूही ने वीडियो में कहा है, 'मैं उन लोगों को धन्यवाद देना चाहती हूं, जिन्होंने मुझ पर मीम्स बनाए हैं। इन मीम्स की वजह से बहुत से लोगों को इसके बारे में पता चला।' जूही की अपील- थोड़ी रिसर्च करें, स्‍टडी करेंगे तो क्‍ल‍ियर होगाजूही चावला ने सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की कि वह भी रेडिएशन के बारे में पढ़ें और रिसर्च करें। जूही कहती हैं, 'हम सभी टेक्‍नोलॉजी का इस्‍तेमाल करते हैं, इसलिए मैं आपसे इस बारे में रिसर्च करने और स्‍टडी करने का अनुरोध करती हूं। मुझे आशा है कि आप इस तरह थोड़े आश्वस्त होंगे। यह केस अभी शुरू हुआ है और हमारी लड़ाई अभी लंबी चलेगी।'


from Bollywood News in Hindi, बॉलीवुड न्यूज़, Hindi Movies News, हिंदी मूवीज़ समाचार, फिल्मी खबरें | Navbharat Times https://ift.tt/3fLu80k
via IFTTT

No comments:

Post a Comment