Friday, April 3, 2020

कोरोना संक्रमित स्‍टूडेंट की कहानी पढ़ चिंता में पड़ गए र‍ितिक रोशन, कहा- अफवाह नहीं सच जानना जरूरी

कोरोना वायरस मानव जाति के लिए संकट बना हुआ है। इससे बचने के लिए न तो कोई वैक्सीन बन पाई है और न ही दवा है। ऐसे में इससे बचाव और सावधानी जरूरी है। देशभर के लोग और दुनियाभर के डॉक्टर्स इस बारे में दुनिया को जागरूक करने में लगे हुए हैं। ऐसे में ने एक बेहद काम का पोस्ट शेयर किया है। बेहद काम का है ऋतिक का यह पोस्ट ऋतिक रोशन ने COVID-19 पॉजिटिव एक मरीज का पोस्ट शेयर किया है ताकि मिथ्स और अफवाहों से बचा जा सके। ये पेशंट हैं ऋषि गिरधर। वह कोरोना पॉजिटिव होने के बाद मुंबई के कस्तूरबा हॉस्पिटल में हैं। ऋषि ने यह पोस्ट इसलिए किया है ताकि लोगों की गलतफहमियां दूर हो सकें। कोरोना के मरीज ने लिखा है, मैं COVID-19 से ग्रस्त था। मेरा अनुभव इस प्रकार है। इसको लिखने के पीछे मेरा मुख्य मकसद यह है कि मैं बताना चाहता हूं कि मुंबई के कस्तूरबा हॉस्पिटल में मुझे कितनी अच्छी केयर मिली। मैं लक्षणों के लिए भी जागरूकता लाना चाहता हूं। लक्षण मैं स्टूडेंट हूं जो कि लंदन में पढ़ रहा था। मैंने कोरोना आउटब्रेक के दौरान घर वापस लौटने का फैसला लिया। जब मैं मुंबई लौटा तो 2 दिन तक कोई लक्षण नहीं थे। 3 दिन बाद मुझे थकान लगने लगी। काफी नींद और थकावट हुई। हल्का बुखार था (99 फॉरेनहाइट)। अगले दिन बुखार 100 पर पहुंच गया। इसके बाद 101.6 तक। मुझे सांस लेने में कोई तकलीफ नहीं थी। न ही गले में खराश, खांसी, न छींक कुछ भी नहीं। एक रात मुझे उल्टी आई वर्ना सामान्य बुखार जैसे लक्षण और थकान। इस सिग्नल से हुआ शक मुझे हल्की सुस्ती थी और एक दिन मैं घर में टहलते वक्त बेहोश हो गया। मैं मुंह के बल गिरा था और कुछ दांत टूट गए, चिन और जबड़ में भी चोटें आईं। यह सिग्नल था कि कुछ तो गड़बड़ है, शरीर में चोटों के बावजूद प्राथमिकता यह थी कि COVID 19 का टेस्ट करवाया जाए। कस्तूरबा हॉस्पिटल मैं उसी रात कस्तूरबा हॉस्पिटल पहुंचा। साधारण सा Swab Test हुआ, रिजल्ट आने में करीब 24 घंटे लगे। नर्स और डॉक्टर काफी फ्रेंडली और मददगार थे। ब्रेकफस्ट, लंच और डिनर दिया जाता था। इसमें रोटी, चावल, दाल और सब्जी होता था। खाना और गरम पानी 24 घंटे मौजूद रहता था। नर्सों ने सभी को कुछ मल्टीविटमिन टैबलेट्स दी थीं। सबकी मॉनिटरिंग की जाती थी कि बुखार तो नहीं अगर जरूरत हो तो कफ सिरप भी मिलता था। हॉस्पिटल और स्टाफ का शुक्रिया 24 घंटे के इंतजार के बाद मुझे बताया गया कि टेस्ट पॉजिटिव हैं और मुझे दूसरे वॉर्ड में जाना पड़ेगा। सुबह हमें नाश्ता दिया जाता था नर्स और डॉक्टर्स टेस्ट करते थे। मुझे कहना पड़ेगा कि मैं बहुत अच्छे हाथों में हूं। कमरे और वॉर्ड साफ हैं, बाथरूम साफ हैं और हर रूम में सैनिटाइजर की कई बोतलें हैं। हर दिन कमरे की सफाई होती है और बेडशीट्स बदली जाती हैं। डॉक्टर्स और नर्स हर मरीज और उनके लक्षणों को जानते हैं। ऋषि ने हॉसिप्टल के हर किसी का इस केयर के लिए धन्यवाद किया।


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