आसमान में खुद हवाई जहाज उड़ाकर दूर निकल जाना, तो नीले सागर की गहराइयों में गोते लगाना। ब्रह्मांड के चांद, तारों और ग्रहों की चाल को समझना, तो भावी पीढ़ी को डांस, डिफेंस सेवा, नासा वर्कशॉप आदि का माहिर बनने में मदद करना, ऐक्टर सुशांत सिंह राजपूत की आंखों में ऐसे पचासों ख्वाब थे। कुछ महीने पहले ही उन्होंने अपने ऐसे पचास सपनों की बकेट लिस्ट सोशल मीडिया तक पर साझा की थीं, जो अब हमेशा के लिए बंद हो चुकी उनकी आंखों में ही कैद रह गए। लॉकडाउन में भी सुशांत कम्प्यूटर गेम्स की कोडिंग सीख रहे थे। ...और खुद आसमान का तारा बन गए सुशांत यूं तो सुशांत की जिंदगी भी किसी ख्वाब सी कम कहां थी। बिहार का एक शर्मीला सा इंजीनियरिंग स्टूडेंट देखते-देखते ग्लैमर इंडस्ट्री का चमकता सितारा बन जाएगा, किसने सोचा था। सास-बहू सीरियल करने वाला एक टीवी ऐक्टर धोनी के हैलिकॉप्टर शॉट से सौ करोड़ करोड़ का आंकड़ा पर कर देगा, ये उम्मीद भी किसे थी और निजी जिंदगी में ग्रहों, नक्षत्रों, तारों- सितारों की बातें करने वाला सुशांत इतनी कम उम्र में , यह कल्पना भी किसी ने दूर-दूर तक नहीं की थी। पचास ख्वाबों की शेयर की थी लिस्ट , क्योंकि उनके सपने कुछ अलग ही थे। आम ऐक्टर्स की तरह उनकी ख्वाहिश सबसे कामयाब फिल्म का हीरो बनने तक सीमित नहीं थी। वह जिंदगी में बहुत कुछ सीखना चाहते थे। कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन में भी वह कंप्यूटर गेम्स की कोडिंग सीख रहे थे। सुशांत न केवल स्क्रीन पर हर बार चुनौतीपूर्ण किरदार चुनते रहे, बल्कि निजी जिंदगी में भी वे खुद को चैलेंज करना चाहते थे। ग्रह-नक्षत्र, तारों-सितारों से था खास लगाव फिजिक्स में नैशनल लेवल ओलिंपियाड विनर रहे से बहुत ही ज्यादा लगाव था। एस्ट्रोफिजिक्स और न्यूरोबॉयोलॉजी जैसे भारी-भरकम विषयों में अपनी रुचि के बारे में एनबीटी से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया था, ' मुझे एस्ट्रोफिजिक्स में बहुत इंट्रेस्ट है। मेरे पास टेलिस्कोप भी है। मैं देखता रहता हूं। पढ़ता रहता हूं। उससे इनके बारे में सीखता हूं। इसके अलावा मुझे न्यूरोबॉयोलॉजी में बहुत इंट्रेस्ट है। मेरा हाल ये है कि मैंने दिन भर काम किया है, बहुत थका हुआ हूं, फिर भी अगर मैंने इनके बारे में पढ़ना या देखना शुरू किया तो सुबह हो जाती है। जबकि न तो मुझे कोई एग्जाम देना है या कुछ।' सुशांत की विश लिस्ट में भी एक हफ्ते के लिए चांद, मंगल, बृहस्पति, शनि की चाल का आंकलन करना भी शामिल था। पिछले दिनों उन्होंने इस पर कुछ पोस्ट भी किए थे। इसके अलावा, वे पोलिनेशियन एस्ट्रोनॉमी, वैदिक एस्ट्रोलॉजी और योग क्रिया भी समझना चाहते थे। युवाओं के लिए चहेते, करते रहते थे मदद सुशांत सोशल मीडिया पर युवाओं के बीच काफी पॉप्युलर थे। खास बात यह है कि ऐसा वे अपनी फिल्मों के बजाय निजी जिंदगी की सोच, ख्यालों और काम की वजह से थे। वह अपने फैंस को हमेशा जवाब दिया करते थे। साथ ही, तमाम जरूरतमंद लोगों की मदद भी बढ़चढ़कर किया करते थे। केरल में बाढ़ आने पर तुरंत 1 करोड़ की मदद करना हो या दृष्टिबाधित बच्चों के स्कूल जाकर उन्हें खुशी बांटना, सुशांत आगे रहते थे। उनके सपनों की सूची में भी पर्यावरण और भावी पीढ़ी के लिए काफी कुछ करने की तमन्ना शामिल थी। वे 1000 पौधे लगाना चाहते थे। साथ ही सौ बच्चों को इसरो/नासा की वर्कशॉप में भेजना, दृष्टि बाधित लोगों को कोडिंग सिखाना, लड़कियों को सेल्फ डिफेंस सिखाना, फ्री एजुकेशन के लिए काम करना, बच्चों को इंडियन डिफेंस सेवा के लिए तैयार करना, डांस सिखाना भी उनके ख्वाबों का हिस्सा था।
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