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55 साल के हो चुके शाहरुख खान 80 के दशक से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। उन्होंने 10 से ज्यादा टीवी शो और 75 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। शाहरुख के जन्मदिन पर उनके साथ काम कर चुके सेलेब्स ने दैनिक भास्कर के साथ उनसे जुड़ी रोचक बातें साझा की।
दो किस्से, जो हनी ईरानी ने शेयर किए
किस्सा नं. 1 : 'डर' में राहुल के हकलाहट के पीछे खास वजह थी
फिल्म 'डर' में राहुल के किरदार को हकलाहट से लैस करने की वजह थी। वह यह कि राहुल किरण को देखते ही बड़ा कॉन्शियस हो जाता है। बरसों-बरस इजहार नहीं कर पाता है। साथ ही मां के न होने के चलते उसे मेंटल प्रॉब्लम तो थी ही। ऐसे में जब वह कभी किरण को सामने पाता है, तो हकलाने लग जाता था। उस हकलाहट पर भी शाहरुख ने काफी रियाज किया था। किरण का पूरा नाम लेने में राहुल को ज्यादा वक्त लगता था। राहुल का यह पहलू शाहरुख को बहुत अच्छा लगा था।

किस्सा नं. 2 : शाहरुख को सुबह जल्दी जगाना बहुत मुश्किल
हम लोग 'डर' की शूटिंग कर रहे थे। यश चोपड़ा जी ने कहा था कि सुबह जल्दी शूट के लिए निकलेंगे। रात करीब 11 बजे सब लोग खाना खाकर लॉन में बैठे थे। जब शाहरुख सोने जाने लगे तो मुझसे बोले कि सुबह मुझे जल्दी उठा देना। सुबह पांच बजे मैंने उनके कमरे का दरवाजा खटखटाया, पर कोई जवाब नहीं मिला।
दरवाजा खुला हुआ था, तो मैं अंदर चली गई। देखा तो वे गहरी नींद में सोए हुए थे। काफी हिलाया-डुलाया, लेकिन उन्होंने कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया। फिर मैंने आदित्य (चोपड़ा) को बुलाया। कुछ असिस्टेंट भी आ गए।
सबने शाहरुख को उठाया और सोए हुए ही बस में बिठा लिया। इसके बाद जब यशजी ने खांसते हुए पूछा 'चलो भई शूटिंग करनी है कि नहीं।' तब शाहरुख की नींद खुली। लब्बोलुआब यह कि शाहरुख को आप सुबह जल्दी तो जगा ही नहीं सकते।
एक किस्सा, जो जूही चावला ने सुनाया

शाहरुख के साथ सबसे पहले मैंने ‘राजू बन गया जेंटलमैन’ में काम किया था। तब तक ‘कयामत से कयामत तक’ के चलते मेरा करियर भी उफान पर था। तब मेरी झोली में कई फिल्में थीं। शाहरुख के खाते में तब तीन फिल्में थीं।
‘राजू बन गया जेंटलमैन’ के अलावा मेरे ख्याल से ‘दिल आशना है’ और ‘दीवाना’ थीं। दिलचस्प बात यह है कि इन दोनों फिल्मों के साथ शाहरुख ‘राजू बन गया जेंटलमैन’ भी शूट कर रहे थे।
उनका शेड्यूल काफी बिजी था। ‘राजू बन गया जेंटलमैन’ शूट करते थे। पैकअप कर दूसरी और फिर उसे भी पैकअप कर तीसरी फिल्म की शूट करते थे। वे 18 घंटे रोजाना काम करते थे।
(जैसा कि अमित कर्ण के साथ शेयर किया।)
शाहरुख खान 55 साल के हो गए हैं। 2 नवंबर, 1965 को नई दिल्ली में जन्मे शाहरुख ने 15 साल की उम्र में ही अपने पिता मीर ताज मोहम्मद खान को खो दिया था। इसके 10 साल बाद उनकी मां लतीफ फातिमा खान का इंतकाल हो गया। शाहरुख खान ने 'द अनुपम खेर शो : कुछ भी हो सकता है' में बताया था कि मां के आखिरी वक्त में वे उन्हें तकलीफ दे रहे थे। हालांकि, इसकी जो वजह उन्होंने बताई थी, वह बहुत ही इमोशनल थी।
मां से मिलने आईसीयू में नहीं जाना चाहते थे शाहरुख
शाहरुख खान के मुताबिक, जिस दिन मां की मौत हुई, उस दिन वे दिल्ली के बत्रा हॉस्पिटल के पार्किंग लॉट में दुआ कर रहे थे और मां आईसीयू में भर्ती थीं। शाहरुख उस वक्त मां से मिलने नहीं जा रहे थे, क्योंकि उन्हें किसी ने बताया था कि अगर वे प्रे करते रहेंगे तो मां को कुछ नहीं होगा।
शाहरुख ने बताया कि उन्हें 100 बार दुआ पढ़ने के लिए कहा गया था, लेकिन वे 100 से भी कहीं ज्यादा बार दुआ मांग चुके थे। तभी अचानक डॉक्टर आया और बोला कि वे आईसीयू में जा सकते हैं, जिसका मतलब यह था कि मां की अंतिम घड़ी आ चुकी थी।
बकौल शाहरुख- मैं जाना नहीं चाहता था, क्योंकि मुझे लग रहा था कि मैं दुआ पढ़ता रहूंगा तो मां बच जाएंगी। लेकिन फिर बहन और बाकी लोगों ने कहा कि जाना जरूरी है, तो जाना पड़ा।
क्यों ICU में मां को तकलीफ देते रहे शाहरुख?
शाहरुख आगे कहते हैं- मेरा एक यकीन है कि इंसान तब दुनिया छोड़ता है, जब वह हर चीज से संतुष्ट होता है। क्योंकि अगर ऐसा न हो तो मां-बाप बच्चों को छोड़कर नहीं जा सकते। जब मेरी मां आईसीयू में थीं तो मैं उनके पास बैठ गया और मैंने गलत बात की। मैं उन्हें दुख पहुंचाता रहा।
मैंने सोचा अगर मैं इन्हें सेटिस्फाई नहीं होने दूंगा तो वे जाएंगी नहीं। इसलिए मैं उनके पास बैठकर ऐसी बातें करता रहा कि देखो अगर आप चली जाएंगी तो मैं अपनी बहन का ख्याल नहीं रखूंगा। मैं पढूंगा नहीं। मैं काम नहीं करूंगा।
ऐसी ही मूर्खता भारी बातें करता रहा। ताकि उनको तकलीफ पहुंचे कि यार मैं अभी सेटिस्फाई नहीं हूं...इसलिए मैं जाऊंगी नहीं। लेकिन शायद ये बचपन के यकीन होते हैं। उन्हें जाना ही था। शायद वो सेटिस्फाई थीं कि मैं अपनी बहन का ख्याल रखूंगा। जिंदगी में ठीकठाक कर लूंगा।
किस्सा नं. 2: पिता के साथ की आखिरी याद
शाहरुख ने इंटरव्यू के दौरान पिता मीर ताज मोहम्मद के साथ की आखिरी याद भी बताई थी। शाहरुख के मुताबिक, पिता को कैंसर था। उनका इलाज चल रहा था और जब लगा कि वे ठीक हो गए तो उन्हें घर लाया गया। घर आने के बाद पिता ने वनीला आइसक्रीम मांगी और उन्होंने खुद उन्हें वह आइसक्रीम दी।
बकौल शाहरुख- 18 अक्टूबर की रात थी, मैं सो रहा था। मां ने आकर जगाया और कहा कि पापा हॉस्पिटल में हैं। मेरा लास्ट विजुअल यह है कि मैंने उनके पैर देखे थे, जो बहुत ठंडे थे। मैंने उनका चेहरा नहीं देखा। क्योंकि मुझे बहुत दुख हो रहा था। मेरी आखिरी याद उनके साथ वनीला आइसक्रीम वाली ही है।
पिता ने शाहरुख को यह सीख दी थी
शो में शाहरुख से जब पूछा गया कि उनके वालिद उन्हें क्या बनते देखना चाहते थे? तो उनका जवाब था- मैं 15 साल का था, जब उनकी फौत (निधन) हो गई। इसलिए मौका नहीं मिला कि वो बताएं कि क्या बनूं। लेकिन एक दो-बातें बोलते थे, जो मुझे अब भी याद हैं। कहते थे कि जिस चीज में दिली खुशी हो वो बनना।
मैं उनके बहुत करीब था, वो मेरे दोस्त की तरह थे। हमेशा बोलते थे कि काम करना और न करो तो वो भी ठीक है। क्योंकि, जो कुछ नहीं करते, वो कमाल करते थे। वो कहते थे हॉकी जरूर खेलना, हमारा नेशनल सपोर्ट है। वो खुद खेलते थे। इसलिए मैंने कुछ हॉकी जरूर सीखी।
किस्सा नं. 3: बहन डिप्रेशन में चली गई थी
कहा जाता है कि पिता की डेड बॉडी देखकर शाहरुख की बहन शहनाज लाला रुख खान बेहोश हो गई थीं। उन्हें इतना गहरा सदमा लगा कि वे डिप्रेशन में चली गई थीं और अक्सर बीमार रहने लगी थीं।
एक इंटरव्यू में शाहरुख ने बताया था- पापा की मौत के सदमे में शहनाज मानसिक संतुलन खो बैठी थीं और 2 साल तक इससे उबर नहीं पाईं। वे रोती या चिल्लाती नहीं थीं, लेकिन उनके चेहरे पर पापा के खोने का गम साफ झलकता था। डीडीएलजे (दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे) की शूटिंग के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी तो हम उन्हें इलाज के लिए स्विट्जरलैंड ले गए थे।
मैं जब फिल्म के गाने 'तुझे देखा तो ये जाना सनम' की शूटिंग कर रहा था, तब स्विट्जरलैंड में शहनाज का इलाज चल रहा था। इलाज के बाद उनकी हालत पहले से बेहतर हुई, लेकिन वे अब भी पूरी तरह ठीक नहीं हो पाई हैं।
एक्ट्रेस अमृता राव और उनके पति RJ अनमोल के घर खुशियां आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों पैरेंट्स बन गए हैं। अमृता राव ने एक बेटे को जन्म दिया है। अमृता और बच्चे की हालत बिल्कुल ठीक है और दोनों स्वस्थ हैं। खबर है कि अमृता ने रविवार सुबह बेटे को जन्म दिया। हालांकि दोनों की ओर से सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट अपडेट नहीं की गई है।
नवरात्रि में रिवील की थी खबर
कुछ दिन पहले ही ये पता चला था कि अमृता राव प्रेग्नेंट हैं। तब वे खार में एक क्लीनिक के बाहर नजर आई थीं। इसके बाद नवरात्रि के दौरान अमृता ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था। इसमें वो बेबी बम्प दिखाती नजर आईं थीं। उन्होंने लिखा था कि मैं नवरात्रि के पावन अवसर पर नौवें महीने में खुद को काफी लकी महसूस कर रही हूं।
मुकेश खन्ना ने हाल ही में कहा था कि मी-टू की प्रॉब्लम तब शुरू हुई, जब महिलाओं ने बाहर जाकर काम करना शुरू किया। इस बयान को लेकर वे ट्रोल हो रहे हैं। इस बीच एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी ने मुकेश खन्ना को पुराने ख्याल वाला कहा तो सिंगर सोना मोहपात्रा ने उन्हें मंदबुद्धि कह दिया है।
दिव्यांका बोलीं शर्मिंदगी होती है
दिव्यांका ने कहा कि ये बयान कितना पुराने ख्याल वाला और पीछे ले जाने वाला है। जब ऐसे सम्मानित जगहों पर बैठे लोग ऐसे बयान देते हैं तो शर्मिंदगी महसूस होती है। दिव्यांका ने कहा कि औरतों के लिए ये गुस्सा किसी पुरानी याद का नतीजा हो सकता है। संदेह का लाभ देने का यही एक विचार मेरे मन में है। मुकेश जी, पूरे सम्मान के साथ मैं आपके बयान की निंदा करती हूं।
सोना ने मुकेश पर कसा तंज
सोना मोहपात्रा ने मुकेश खन्ना के बयान पर तंज कसा- हां, इन महाशय के हिसाब से पुरुष कभी घर में औरतों या बच्चों का शोषण नहीं करते हैं। इन्हें नजरंदाज किया जाना चाहिए, ये मंदबुद्धि हैं। दुख की बात ये है कि हमारे इर्द-गिर्द ऐसी पिछड़ी सोच वाले दिमाग हर जगह हैं। पर हम सैनिक तैनात हैं। बदलाव धीमा है, पर यह आ रहा है।
बयान पर सफाई दे चुके हैं मुकेश खन्ना
मुकेश खन्ना ने कहा था, "औरत की रचना अलग होती है और मर्द की अलग होती है। औरत का काम होता है घर संभालना, जो माफ करना मैं कभी-कभी भूल जाता हूं। प्रॉब्लम कहां से शुरू हुई है मीटू की, जब औरतों ने भी काम करना शुरू कर दिया। आज औरत मर्द के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बात करती हैं।"
मुकेश खन्ना ने महिलाओं को लेकर दिए गए अपने विवादित कमेंट पर सफाई दी थी। उन्होंने अपनी एक इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा था, "मुझे सचमुच हैरानी हो रही है कि मेरे एक स्टेटमेंट को बहुत ही गलत तरीके से लिया जा रहा है। मुझे औरतों के खिलाफ बताया जा रहा है। जितनी इज्जत मैं नारियों की करता हूं, शायद ही कोई करता होगा।"