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बॉलिवुड में कुछ ही हॉरर फिल्में बनी हैं जिन्हें लोगों ने पसंद किया। वहीं, हॉरर फिल्मों की 'आत्माओं' और 'चुड़ैलों' से ज्यादा क्राइम फिल्मों के साइकोपैथ किलर्स ने लोगों को डराया। कुछ हिंदी फिल्मों में तो मर्डर करने वाले और सीरियल किलर्स भयानक रूप में दिखाए गए हैं जो किसी को सपने में भी डरा सकते हैं। यहां हम कुछ ऐसे ही नेगेटिव शेड वाले खतरनाक साइकोपैथ्स के बारे में बता रहे हैं...
बॉलिवुड में कुछ ही हॉरर फिल्में बनी हैं जिन्हें लोगों ने पसंद किया। वहीं, हॉरर फिल्मों की 'आत्माओं' और 'चुड़ैलों' से ज्यादा क्राइम फिल्मों के साइकोपैथ किलर्स ने लोगों को डराया। कुछ हिंदी फिल्मों में तो मर्डर करने वाले और सीरियल किलर्स भयानक रूप में दिखाए गए हैं जो किसी को सपने में भी डरा सकते हैं। यहां हम कुछ ऐसे ही नेगेटिव शेड वाले खतरनाक साइकोपैथ्स के बारे में बता रहे हैं...

रितेश देशमुख फिल्म में राकेश के रोल में नजर आए जो एक साधारण इंसान है लेकिन उसकी पत्नी उसकी कभी तारीफ नहीं करती है। वह हमेशा उसे ताना कसती है। हालांकि, आप जल्द ही राकेश के लिए सॉरी फील करने लगते हैं और उसे देखकर डरते भी हैं जब वह बुरी तरह हर उस महिला को मारता है जो उसे बुरा बर्ताव करती है। महिलाओं की हत्या करके वह अपनी फ्रस्टेशन निकालता है जो कि उसे उसकी नाखुश बीवी की वजह से हुई है।

प्रशांत नारायण का फिल्म में निभाया गया धीरज पांडे का किरदार शायद हिंदी सिनेमा के सबसे खतरनाक साइकोपैथ किलर्स में से एक है। कहा जाता है कि यह एक साउथ कोरियन सीरियल किलर और सेक्स ऑफेंडर से प्रेरित था। वह महिलाओं को बुलाता है और उन्हें बुरी तरह टॉर्चर करके मारता है। वह किन्नर बनकर शैतान की पूजा करता है। पर्दे पर उसे देखकर डर लगता है।

लज्जा का रोल आशुतोष राणा ने निभाया जो मासूम बच्चों का अपहरण करता है और देवी के मंदिर में उनकी बलि चढ़ाता है। 90 के दशक का हर बच्चा (अब भी) लज्जा को लाल साड़ी में स्क्रीन पर देख सिहर उठा था। जब वह बीच सड़क पर जोर से चिल्लाता है तो रूह कांप जाती है।

फिल्म में उर्मिला मातोंडकर को डरावनी महिला के रूप में दिखाया गया जिसका नाम नहीं बताया गया है। उसे मैम कहकर बुलाया जाता है। फिल्म देखकर लगता है कि उसे सीरियल किलर (मनोज बाजपेयी) मार देगा लेकिन होता उल्टा है और पता चलता है कि मैम ही साइको किलर है।

आशुतोष राणा ने गोकुल का किरदार जबरदस्त तरीके से निभाया। साइकोपैथ किलर गोकुल पहले महिला का रेप करता है और फिर उन्हें मार देता है। वह बुरी तरह सोनिया सहगल (काजोल) की हत्या करता है और यह आज भी सबसे भयानक सीन्स में से एक है।

यह फिल्म रियल लाइफ सीरियल किलर रमन राघव से प्रेरित थी जिसने 1950 के दौरान लगातार तीन वर्षों तक हत्याएं कीं। फिल्म में भी रमन्ना (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) हथौड़े या टायर आयरन जैसी चीजों से मारता है। फिल्म में रमन्ना का सनकीपन लोगों को दहशत में ला देता है।